Saturday, December 25, 2010

दूरियां .............

मै तुझसे दूर हूँ  ....और ... तू मुझसे दूर है  ...... यह में जान गयी हूँ...ये मेरा दिल समझता है..यहाँ लोग कहते है मेरी आँखों में आसूं है
जो तू समझता तो मोती... जो ना समझा तो पानी है
  तेरी हर बात..हर याद भूल जायेगे ...हर खवाब ..हर मुलाकात भूल जायेगे ...ज़िन्दगी चलती है अन्विरल अनथक ..मगर अब हम तेरे साथ बिताया..हर पल.... हर साँस भूल जायेगे ....  जो आज तू देख .....समझ न पाया .....वो मेरा तेरे लिए प्यार था .......
जो  आज तू  गुस्से और जिद्द मै था .. वो तेरा प्यार नहीं.. मेरा अपमान था पर आज इस अहंकार में ..तल्खी में ..तुने  रिश्ता भुला दिया ..झुठला दिया तू यह सब देख नहीं पाया तू यह सब समझ नहीं पाया
कई सवाल ..जिनका मेरे पास जवाब नहीं कई जवाब ...जिनका सच सिर्फ तुम जानो वक़्त की रफ़्तार ने इस मोड़ पे ला दिया इन एहसासों की दूरी को .. इस दर्द को ..इस जुदाई को ...न तेरा दिल पार कर सकता है...न मेरा दिल माफ़ कर सकता है  

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