Thursday, November 18, 2010

एक तारा...............

दूर आसमान में टिमटिमाता हुआ एक तारा
टूटने की कगार पे और फिर भी समभाले हुए
कुछ स्वप्न और खाविश्ये और एक आशा
मेरी आँखों  में निहारती एक उम्मीद ...
उस तारे के भविष्य का अंजाम .....
एक इच्छा...और एक गुज़ारिश ....
उस तारे की मुस्करहट के लिए...

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